मेरे साथ साथ तुम्हारा साया है आज भी,
नंदू दिल से जुदा न कर पाया है आज भी।
इक मुद्दत गुजर चुकी तुझ से जुदा हुये,
फिर भी उंगली पकड़ घुमाया है आज भी।
मेरी रगों में दौड़ता ये तुम्हारा ही खून है,
अपनेपन का एहसास कराया है आज भी।
सुबह मैं तो सो रहा था बड़ी गहरी नींद में,
नंदू कह कर आप ने जगाया है आज भी।
हो सके तो वापिस आओ वो जहान छोड़ के,
जोशी ने दिल से आप को बुलाया है आज भी। जोशी "
नंदू दिल से जुदा न कर पाया है आज भी।
इक मुद्दत गुजर चुकी तुझ से जुदा हुये,
फिर भी उंगली पकड़ घुमाया है आज भी।
मेरी रगों में दौड़ता ये तुम्हारा ही खून है,
अपनेपन का एहसास कराया है आज भी।
सुबह मैं तो सो रहा था बड़ी गहरी नींद में,
नंदू कह कर आप ने जगाया है आज भी।
हो सके तो वापिस आओ वो जहान छोड़ के,
जोशी ने दिल से आप को बुलाया है आज भी। जोशी "
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