रंग बदलने में माहिर पाला बदलने की आदत है,
जितना मतलब होता उतनी ही करता मोहब्बत है,
इंसान की ये मजबूरी किसी की खता कसूर नही,
मौसम ही कुछ ऐसा इन्सान ने बदली फितरत है। रैना"
जितना मतलब होता उतनी ही करता मोहब्बत है,
इंसान की ये मजबूरी किसी की खता कसूर नही,
मौसम ही कुछ ऐसा इन्सान ने बदली फितरत है। रैना"
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