जिस पे विश्वास करे वो उपहास करे,
अब जीवन के लिये क्या खास करे।
अब जीवन के --------------------
उझड़ी दिल की बस्ती हिलती हुई दीवारें है,
उखड़े हुए प्लास्टर भवन में आई हुई दरारें हैं,
गम के तेज आंधी ने जुल्म कहर गुजारे हैं,
दूर दूर तक भी नज़र आते न अपने प्यारे हैं,
महफ़िल में भी वीराना तन्हाई के सहारे हैं,
किसी का ये दोष नही हम किस्मत के मारे हैं,
अब भी दोस्त कहते हैं मन को न उदास करे।
अब जीवन के --------------------
मन के घने जंगल से आती डरावनी आवाजे हैं,
खुद को बचाने लिये मन इधर उधर ही भागे है,
मातम सा छाया निरंतर गमगीन धुन बाजे है,
पर कटे गिरे नीचे यूं अरमानों की ऊँची परवाजें है,
तथ्य जो एकत्रित किये सामने आये जो आगे है,
उससे ये साफ स्पष्ट हुआ अपनों ने गोले दागे है।
उनसे अभी निपटे नही दुश्मन और भी जागे है,
रैना"उसने ही पाया जिसने मोह माया काम त्यागे है,
जीवन नईया डूब गई हम महसूस एहसास करे।
अब जीवन के लिये क्या खास करे। ---------------रैना"
अब जीवन के लिये क्या खास करे।
अब जीवन के --------------------
उझड़ी दिल की बस्ती हिलती हुई दीवारें है,
उखड़े हुए प्लास्टर भवन में आई हुई दरारें हैं,
गम के तेज आंधी ने जुल्म कहर गुजारे हैं,
दूर दूर तक भी नज़र आते न अपने प्यारे हैं,
महफ़िल में भी वीराना तन्हाई के सहारे हैं,
किसी का ये दोष नही हम किस्मत के मारे हैं,
अब भी दोस्त कहते हैं मन को न उदास करे।
अब जीवन के --------------------
मन के घने जंगल से आती डरावनी आवाजे हैं,
खुद को बचाने लिये मन इधर उधर ही भागे है,
मातम सा छाया निरंतर गमगीन धुन बाजे है,
पर कटे गिरे नीचे यूं अरमानों की ऊँची परवाजें है,
तथ्य जो एकत्रित किये सामने आये जो आगे है,
उससे ये साफ स्पष्ट हुआ अपनों ने गोले दागे है।
उनसे अभी निपटे नही दुश्मन और भी जागे है,
रैना"उसने ही पाया जिसने मोह माया काम त्यागे है,
जीवन नईया डूब गई हम महसूस एहसास करे।
अब जीवन के लिये क्या खास करे। ---------------रैना"
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