उड़ती धूल देखते रह गये,
अरमानों के महल ढह गये।
दिल में आया सैलाब था,
आंसू बिन पूछे ही बह गये।
किस्मत का तोहफा समझ,
हम तो ये दर्द भी सह गये।
रैना"सोचते दिन रात हम,
क्यों वो अलविदा कह गये। रैना"
अरमानों के महल ढह गये।
दिल में आया सैलाब था,
आंसू बिन पूछे ही बह गये।
किस्मत का तोहफा समझ,
हम तो ये दर्द भी सह गये।
रैना"सोचते दिन रात हम,
क्यों वो अलविदा कह गये। रैना"
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