मैं तो आइना हूं सच कहना आदत है मेरी,
नखरें सहना फ़क़त टूटना किस्मत है मेरी,
कैसे झूठ बोल दू चश्मदीद गवाह जो हुआ,
मुंहु पे साफ साफ बोलना फितरत है मेरी।रैना"
अफ़सोस मुलाकात अधूरी रह गई,
कश्मकश में वो बात अधूरी रह गई,
उनकी बदनामी के डर से न छलकी,
आंसूओं की बरसात अधूरी रह गई। रैना"
नखरें सहना फ़क़त टूटना किस्मत है मेरी,
कैसे झूठ बोल दू चश्मदीद गवाह जो हुआ,
मुंहु पे साफ साफ बोलना फितरत है मेरी।रैना"
अफ़सोस मुलाकात अधूरी रह गई,
कश्मकश में वो बात अधूरी रह गई,
उनकी बदनामी के डर से न छलकी,
आंसूओं की बरसात अधूरी रह गई। रैना"
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