देखो भी मेरी माँ हमारा हाल क्या है,
सुनती नही बच्चों का सवाल क्या है।
बहुत परेशान दुखी खून के घूंट पी रहे,
बुरे हाल में मेरी माँ तेरे बच्चें जी रहे।
माँ तुम्हें खुशियों से मोहलत नही है,
तेरे बच्चों को गमों से फुरसत नही है।
माँ तुम्हारे तक फरियाद आती नही है,
तभी तुम्हें बच्चों की याद आती नही है।
गर तुम चाहो मिल सकते नजारे माँ,
रैना"को करने सिर्फ दर्शन तुम्हारे माँ। रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ
सुनती नही बच्चों का सवाल क्या है।
बहुत परेशान दुखी खून के घूंट पी रहे,
बुरे हाल में मेरी माँ तेरे बच्चें जी रहे।
माँ तुम्हें खुशियों से मोहलत नही है,
तेरे बच्चों को गमों से फुरसत नही है।
माँ तुम्हारे तक फरियाद आती नही है,
तभी तुम्हें बच्चों की याद आती नही है।
गर तुम चाहो मिल सकते नजारे माँ,
रैना"को करने सिर्फ दर्शन तुम्हारे माँ। रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ
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