Thursday, May 21, 2015

माँ तूने जब बुलाया,मैं दौड़ा चला आया,
आ के शीश झुकाया,तेरा दर्शन पाया।
अब तू भी फर्ज निभा माता,
तेरा दास बुलाये ----
आ माता घर आ माता,
सुखा बाग वीराना महका माता।
आ माता  घर ---------
जीवन की गाड़ी वैसे चलती तो जा रही,
पर कदम कदम पे  माँ अड़चन आ रही,
आ रास्ते से अवरोदक हटा माता ।
आ माता घर --------------रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ

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