माँ वैष्णो रानी की जय बोलो,
माँ जग कल्याणी की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो -----
जय बोलो मन के दवारे खोलो।
माँ वैष्णो ----------------
बैठी पहाड़ों पे हुक्म चलाती है,
अपने भक्तों की बिगड़ी बनाती है,
दुर्गा महारानी की जय बोलो।
माँ वैष्णो --------------
आ दर माँ के खाली झोली भरो,
दीन दुखिया की मन से सेवा करो,
रैना"अम्बे भवानी की जय बोलो।
माँ वैष्णो ---------------रैना "
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ
माँ जग कल्याणी की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो -----
जय बोलो मन के दवारे खोलो।
माँ वैष्णो ----------------
बैठी पहाड़ों पे हुक्म चलाती है,
अपने भक्तों की बिगड़ी बनाती है,
दुर्गा महारानी की जय बोलो।
माँ वैष्णो --------------
आ दर माँ के खाली झोली भरो,
दीन दुखिया की मन से सेवा करो,
रैना"अम्बे भवानी की जय बोलो।
माँ वैष्णो ---------------रैना "
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ
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