कैद परिंदे को मोती चुगा पाला कीजिये,
मताए दिल को बाखूबी संभाला कीजिये,
जीवन के बाद हैं घोर अन्धेरी राहें "रैना"
मन का दीप जला कर उजाला कीजिये। रैना"
मताए दिल को बाखूबी संभाला कीजिये,
जीवन के बाद हैं घोर अन्धेरी राहें "रैना"
मन का दीप जला कर उजाला कीजिये। रैना"
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