Sunday, June 28, 2015

माँ के खुले दरबार,
आ के देखो इक बार,
यहां खुले है भंडार,
माँ का बरसे है प्यार।
माँ वैष्णो रानी को इंतजार तेरी है,
क्यों देरी कैसे देरी किसलिए देरी है।
किसलिए देरी भक्ता किसलिए देरी है।
किसलिए देरी है -------------------
गुफा में बैठी है हो के तैयार माँ,
शिद्दत से भक्तों का करती इंतजार माँ ,
तू ही माँ से करे हेराफेरी है।
क्यों देरी कैसी देरी किसलिए देरी है।
किसलिए देरी है --------------रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ  

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