काश तेरे घर अपना भी आना होता,
तुझसे मिलने का कोई बहाना होता।
इक तुम मझको अपना कह देते,
फिर तो मेरे कदमों में जमाना होता।
मिल जाता गर मुझको सहारा तेरा,
फिर तो जीवन हसीन तराना होता।
उसकी महफ़िल में रुतबा पाने को,
भला कुछ कर के हैं दिखाना होता।
सरल कर लेता आगे की कठिन राहें
काश रैना"भी इतना सयाना होता।
तुझसे मिलने का कोई बहाना होता।
इक तुम मझको अपना कह देते,
फिर तो मेरे कदमों में जमाना होता।
मिल जाता गर मुझको सहारा तेरा,
फिर तो जीवन हसीन तराना होता।
उसकी महफ़िल में रुतबा पाने को,
भला कुछ कर के हैं दिखाना होता।
सरल कर लेता आगे की कठिन राहें
काश रैना"भी इतना सयाना होता।
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