Sunday, June 21, 2015

माँ मेरी वैष्णो रानी,
सुन ले मेरी दर्द कहानी,
पहुंच किनारे कश्ती डूबे,
मेरी पीर न तूने जानी।

वैष्णो माँ दर्श दिखा दो,
जन्मों की प्यास बुझा दो,
गर जो ऐसा न कर पाओ तो,
माँ मेरी हस्ती मिटा दो।

माँ मेरी तेरा सहारा,
बैरी बना जग ये सारा,
तन्हा बैठा रोता रहता,
रैना"माँ भक्त तुम्हारा।
सुप्रभात जी ---जय जय माँ 

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