दास्ता ए-दिल कहना चाहते हैं,
आप के दिल में रहना चाहते हैं,
इक साहिल के हम दो मुसफ़िर,
साथ साथ मिल के बहना चाहते हैं। रैना"
चलो किसी कोने से दुआ आयेगी,
खिड़कियां खुली रहेगी हवा आयेगी। रैना"
आप के दिल में रहना चाहते हैं,
इक साहिल के हम दो मुसफ़िर,
साथ साथ मिल के बहना चाहते हैं। रैना"
चलो किसी कोने से दुआ आयेगी,
खिड़कियां खुली रहेगी हवा आयेगी। रैना"
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