Monday, June 29, 2015

बाजे ढोल नगाड़े,माँ वैष्णो के दर पे,
भक्त लगाये जयकारे,माँ वैष्णो के दर पे।
जयकारा वैष्णो महारानी का ------बोलो सच्चे दरबार की जय ---
माँ ने बुलाया तो हम भी दर आ गये,
मनचाहा फल देखो हम भी है पा गये,
जागे भाग्य हमारे,माँ वैष्णो के दर पे।
भक्त लगाये जयकारे --------------
जीवन में मस्त बहार है देखो आ गई,
नाम का जाम पिया मस्ती है छा गई,
खिले मन में फूल न्यारे,माँ वैष्णो के दर पे।
भक्त लगाये जयकारे -------------
जल्दी आ रैना"अब देर किस बात की,
बारी आ गई तेरी माँ से मुलाकात की,
तेरे कट जाये दुखड़े सारे,माँ वैष्णो के दर पे।
भक्त लगाये जयकारे ----------रैना"
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ


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