Sunday, June 14, 2015

इक मुद्दत से हम जुदा हुये,
हम आम जन तुम खुदा हुये।
अब पी से मिलन कब होगा,
क्या मिलने का सबब होगा।
ये चमत्कार अब कब होगा,
जब सामने मेरा  रब होगा।
जब चिलमन सनम हटायेगा,
चेहरा शर्म से लाल हो जायेगा।  
फिर मन का मयूरा नाचेगा,
पी जन्मों का बंधन काटेगा।
बाग़ वीराना महक जाये,
कोयल मिलन के गीत गाये।
उस दिन का है इंतजार मुझे,
सिर्फ तेरे करने है दीदार मुझे।
पर्दानशीं पर्दा  हटा लो तुम,
सामने आ गले से लगा लो तुम।
यही हसरत तमन्ना अरमान मेरा,
रैना"के सामने बैठे भगवान मेरा। रैना"

No comments:

Post a Comment