दोस्तों आप को कुछ सुनाना चाहता हूं आप भी गुनगुनाये
तुम आंखों से दूर जाओ,पर न दिल से दूर करना,
हम जिंदा है तेरे दम से,न मरने को मजबूर करना।
तुम जवां हंसी खूबसूरत,कुछ ओर फरियाद करेंगे,
जन्मों का अपना बंधन,न कोई अर्जी मंजूर करना।
बेशक देख के आइना मिट्टी,खुद पे गुमान करती,
कही तुम भी न बहक जाना न दिल मगरूर करना।
है इश्क लाइलाज बीमारी जो बच के रहे तो अच्छा,
गर उससे लगन लगे तो इश्क हकीकी जरूर करना।
है मजबूरियों का मौसम तंगहाली पे चढ़ी जवानी,
रैना"सह लेना तू मुश्किल,न मन को चूर करना। रैना"
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