शहीदे आजम भगत सिंह के शान में
भगत सिंह चैन से तू कब सो रहा होगा,
देश की हालत देख फूट फूट रो रहा होगा।
तू देखता हर कोई खुद को ही करता तृप्त है,
देश का मसीहा ही अब भ्रष्टाचार में लिप्त है।
देश भक्ति का तो बेवजह मचा हुआ शोर है,
अब यहाँ हर किसी की कुर्सी तक ही दौड़ है।
अफ़सोस देश का हर तीसरा मसीहा दागी है,
अब काले अंग्रेजों के हाथ में देश की चाबी है।
भगत सिंह जी साथियों सहित लौट के आओ,
भारत माँ को काले अंग्रेजों से मुक्त करवाओ।रैना"
देश की हालत देख फूट फूट रो रहा होगा।
तू देखता हर कोई खुद को ही करता तृप्त है,
देश का मसीहा ही अब भ्रष्टाचार में लिप्त है।
देश भक्ति का तो बेवजह मचा हुआ शोर है,
अब यहाँ हर किसी की कुर्सी तक ही दौड़ है।
अफ़सोस देश का हर तीसरा मसीहा दागी है,
अब काले अंग्रेजों के हाथ में देश की चाबी है।
भगत सिंह जी साथियों सहित लौट के आओ,
भारत माँ को काले अंग्रेजों से मुक्त करवाओ।रैना"
No comments:
Post a Comment