Monday, June 22, 2015

क्यों हम से नाराज है माता,
ये बता क्या राज है माता,
थे जितने सहारे टूट गए,
बनता न कोई काज है माता।
तू दुखड़े हरने वाली है, पर हम पे उपकार नही करती,
तुझे सारे ही बच्चें प्यारे हैं,तू हम से प्यार नही करती।
तू हम से प्यार  -----------माँ हम से ----------------
हरपल सुबह शाम माता,मैं तेरा ही ध्यान लगाता हूं,
बैठ के चरणों में मां,मैं तुझे अपना ही दुःख सुनाता हूं,
पर मेरी विनती वैष्णो रानी क्यों स्वीकार नही करती।
तू हम से प्यार-----------माँ हम से -----------रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ  

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