मुझ में हो मुझसे ही किनारा क्यों है,
बीच का पर्दा आप को गवारा क्यों है,
हम कभी सोचते है तन्हा तेरे बारे में,
तुझे देखा नही फिर हमें प्यारा क्यों है। रैना"
बीच का पर्दा आप को गवारा क्यों है,
हम कभी सोचते है तन्हा तेरे बारे में,
तुझे देखा नही फिर हमें प्यारा क्यों है। रैना"
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