Saturday, June 13, 2015

तुम चाहो मेरी माँ तभी तकदीर बदल जाये,
तकदीर बदल जाये मेरी तस्वीर बदल जाये,
तूम चाहो तो रात को दिन भी कर सकती हो,
ब्रह्मा जी लिखी हुई सारी तहरीर बदल जाये।रैना"

माँ वैष्णो महारानी जीने का न कोई बहाना है,
सब को पैसे से है मतलब अपना या बेगाना है,
तेरा दास हूं मैं सेवक सब ही बन्द हैं दरवाजे,
मैंने जान लिया माँ तेरे चरणों में ही ठिकाना है। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------जय जय माँ


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