Saturday, June 20, 2015

भक्तों जय माता दी। आओ भक्तो माँ वैष्णो से विनती करे
सुन माँ वैष्णो सुन ले जरा,
भक्त तेरे द्वारे खड़ा।
मन है परेशान बहुत,
मचा घमासान बहुत।
माँ सपने टूट गये,
माँ अपने रूठ गये।
हाल से बेहाल हुये,
बादशाह कंगाल हुये।
गमों ने आ घेर लिया,
ख़ुशी ने मुंहु फेर लिया।
मन को एहसास बहुत,
माँ तेरा विश्वास बहुत।

माँ वैष्णो मेरा उद्धार करो,
विनती स्वीकार करो।
माँ अपना बना लो मुझे,
माँ चरणों से लगा लो मुझे।
भले बुरे को पहचानती हो,
मेरे दुःख माँ जानती हो।
अब मेरा इंसाफ करो,
खता मेरी माफ़ करो।
ये जलवा तो दिखा ही दे माँ,
रोते रैना"को हंसा ही दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ


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