Saturday, June 27, 2015

मेरी माँ वैष्णो रानी जी,
मेरी माँ जग कल्याणी जी,
भक्तों की बिगड़ी संवार दे,
 हे माँ भक्तों की बिगड़ी ------
दुःख अपना कहते हैं,
तेरे चरणों में बैठे हैं,
माँ भव से पार उतार दे।
हे माँ भक्तों की बिगड़ी ----------
तेरा दर माँ प्यारा है,दुनिया से न्यारा है,
हमको भी अपना माँ प्यार दे।
हे माँ भक्तों की बिगड़ी ----------
माँ मेरी छाई उदासी है,आँख दर्शन को प्यासी है,
दर्शन मुझे इक बार दे।
हे माँ भक्तों की बिगड़ी ----------
मतलबी जग को  जाना है,रैना"हुआ तेरा दीवाना है,
इक बार माँ मेरी दीदार दे।
हे माँ भक्तों की बिगड़ी ------रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ

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