Saturday, June 27, 2015

मापनी 
1222 1222 1222 12222

गिला मुझको यही तुझसे वफ़ा करता नही कोई,
करे दावा किसी खातिर यहां मरता नही कोई। 
बड़ी ही दूर मंजिल है ठिकाना मिल नही सकता,
यही तो बात है सच्ची सही चलता नही कोई। 
नही अब रात की बातें चढ़े दिन वारदातें हो,
सभी को भूख पैसे की अभी डरता नही कोई। 
कहे सब दोष दिल का करे मन की सदा अपनी,
कभी दिल पे हकूमत राज क्यों करता नही कोई। 
चलो रैना चले घर को गुजारा अब यहां मुश्किल,
मिलेगे दुःख परेशानी अमन मिलता नही कोई। रैना" 

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