Wednesday, June 17, 2015

मेरी माँ तुम क्यों हो चुप बैठी,
कुछ न कहती क्यों नही कहती,
मैंने जान लिया पहचान लिया,
माँ हरपल तुम मेरे साथ रहती।रैना"

माँ वैष्णो तुझसे है प्यार बहुत,
तुझ पे है माँ मेरी एतबार बहुत,
माँ सामने मेरे तुम आ भी जाओ,
हमें तेरा है माँ इन्तजार बहुत।रैना"

मेरे मन में बना लो माँ मंदिर तेरा,
दूर हो जायेगा जन्मों का अन्धेरा,
रोम रोम से जय जय माँ गूंजेगा,
अन्धेरा चीर के प्रकट होगा सवेरा। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ


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