माँ बाप को समर्पित
कभी कभी मैं खुद को बड़ा खुशनसीब पाता हूं,
जब मैं माँ बाप के छोटे छोटे झगड़े निपटाता हूं।
पिता जी कहते तेरी माँ मुझे आंखे दिखाती है,
बहुत कहने पर भी मुझे मेरी छड़ी न पकड़ाती है।
माँ कहती तेरा बाप मुझे अक्सर चिला के बोले है,
कुछ बुरा भला ही कहते जब भी मुख खोले है।
मैं कहता देखो जी मैं दोनों को कुछ न कह पाउगा,
यदि दोबारा लड़ाई की फिर मिलने नही आउगा।
इतना सुन कर दोनों का पारा नीचे आ जाता है,
हम नही लड़ेंगे दोनों का एक साथ जवाब आता है।
एहसास होता मेरे माँ बाप मुझे मिलने को तरसते है,
मुझसे मिलने के लिए ही लड़ने का नाटक करते है।
रैना"माँ बाप अक्सर बच्चों की जुदाई का गम सहते है,
बच्चों की याद में उनके नैना हरपल नम ही रहते है। रैना"
कभी कभी मैं खुद को बड़ा खुशनसीब पाता हूं,
जब मैं माँ बाप के छोटे छोटे झगड़े निपटाता हूं।
पिता जी कहते तेरी माँ मुझे आंखे दिखाती है,
बहुत कहने पर भी मुझे मेरी छड़ी न पकड़ाती है।
माँ कहती तेरा बाप मुझे अक्सर चिला के बोले है,
कुछ बुरा भला ही कहते जब भी मुख खोले है।
मैं कहता देखो जी मैं दोनों को कुछ न कह पाउगा,
यदि दोबारा लड़ाई की फिर मिलने नही आउगा।
इतना सुन कर दोनों का पारा नीचे आ जाता है,
हम नही लड़ेंगे दोनों का एक साथ जवाब आता है।
एहसास होता मेरे माँ बाप मुझे मिलने को तरसते है,
मुझसे मिलने के लिए ही लड़ने का नाटक करते है।
रैना"माँ बाप अक्सर बच्चों की जुदाई का गम सहते है,
बच्चों की याद में उनके नैना हरपल नम ही रहते है। रैना"
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