माँ की दुआ का ऐसा असर होता है,
बच्चा हर आफत से बेखबर होता है,
जिस घर में माँ बाप की सेवा होती,
मन्दिर से भी बढ़ कर वो घर होता है। रैना"
कहने को होशियार तू नादां बेख़बर है,
तेरी हर हरकत पे तो उसकी नज़र है,
पग पग पे उलझी जाती है ये जिन्दगी,
निसंदेह चुनौतीपूर्ण जीवन का सफर है। रैना"
बच्चा हर आफत से बेखबर होता है,
जिस घर में माँ बाप की सेवा होती,
मन्दिर से भी बढ़ कर वो घर होता है। रैना"
कहने को होशियार तू नादां बेख़बर है,
तेरी हर हरकत पे तो उसकी नज़र है,
पग पग पे उलझी जाती है ये जिन्दगी,
निसंदेह चुनौतीपूर्ण जीवन का सफर है। रैना"
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