किसी को फुरसत नही अब न सीरत देखते है,
फेसबुक का अंदाज है ये सिर्फ सूरत देखते है,
आशिकों में होड़ लगी लूट लो हुस्न की बस्ती,
सब के सब जल्दी में हैं कोई न महूर्त देखते हैं। रैना"
फेसबुक का अंदाज है ये सिर्फ सूरत देखते है,
आशिकों में होड़ लगी लूट लो हुस्न की बस्ती,
सब के सब जल्दी में हैं कोई न महूर्त देखते हैं। रैना"
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