वैष्णो रानी माँ मेरी सुन मेरे घर कब आयेगी,
मैं दुखी परेशान बहुत दुःख दर्द कब मिटायेगी।
मेरा दुखड़ा कब मिटायेगी ------------------
मुझे खबर तुझे न फुर्सत पर दो पल निकालो माता,
तेरी इन्तजार में बैठे हैं हमारे घर पैर तो डालो माता,
वीरान सी मेरी ये बगिया खुशबू से फिर महकायेगी।
मेरा दुखड़ा कब मिटायेगी ----------------------
हम तेरी रजा में राजी पर तेरे दीद की तलब हसरत है,
रैना"को कुछ भी न चाहिये पानी नाम तेरे की दौलत है,
जीवन का क्या कब ठहर जाये और कितनी देर लगायेगी।
मेरा दुखड़ा कब मिटायेगी ------------------------रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ
मैं दुखी परेशान बहुत दुःख दर्द कब मिटायेगी।
मेरा दुखड़ा कब मिटायेगी ------------------
मुझे खबर तुझे न फुर्सत पर दो पल निकालो माता,
तेरी इन्तजार में बैठे हैं हमारे घर पैर तो डालो माता,
वीरान सी मेरी ये बगिया खुशबू से फिर महकायेगी।
मेरा दुखड़ा कब मिटायेगी ----------------------
हम तेरी रजा में राजी पर तेरे दीद की तलब हसरत है,
रैना"को कुछ भी न चाहिये पानी नाम तेरे की दौलत है,
जीवन का क्या कब ठहर जाये और कितनी देर लगायेगी।
मेरा दुखड़ा कब मिटायेगी ------------------------रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ
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