नफ़रत को इतनी तव्वजो न दीजिये,
मोहब्बत को पर्दे से रुसवा न कीजिये।
प्यार में सब कुछ जायज होता है। रैना"
पैसे के सामने अब कुछ न टिक रहा है,
तन मन सहित सब कुछ ही बिक रहा है,
लोग अब समझदार अति भारी हो गये हैं,
अनपढ़ नेता भी अब व्यापारी हो गये हैं। रैना"
मोहब्बत को पर्दे से रुसवा न कीजिये।
प्यार में सब कुछ जायज होता है। रैना"
पैसे के सामने अब कुछ न टिक रहा है,
तन मन सहित सब कुछ ही बिक रहा है,
लोग अब समझदार अति भारी हो गये हैं,
अनपढ़ नेता भी अब व्यापारी हो गये हैं। रैना"
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