Thursday, June 4, 2015




इंकलाबी हो गये

देखो तो हम भी शराबी हो गये,
आंखों से पीने के आदी हो गये।
जामे नाम पीते मस्ती में रहते,
अन्दाज अपने नवाबी हो गये।
असूल की राह पे चलने लगे हैं,
लोग कहे तुम तो बागी हो गये।
मीरा के जैसी तान जो छेड़ी तो,
कहता जमाना बैरागी हो गये।
गाये तो कैसे गीत,कोई सुर में,
बेसुरे चालबाज़ साजी हो गये।
भारत माता रोये छुप छुप के,
देश के मसीहा भी दागी हो गये। 
देश का हाल देख दिल है दुखी,
इसलिये रैना"इंकलाबी हो गये। रैना"



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