खर्च कर दिये लाखों करोड़ फिर भी मकसद से दूरी है,
देश में खुलेआम धड़ल्ले से चल रही बाल मजदूरी है,
भाषण देते नेता हर इक का पढ़ना लिखना जरूरी है,
लेकिन ये नही देखते गरीब बच्चों की क्या मजबूरी है। रैना"
देश में खुलेआम धड़ल्ले से चल रही बाल मजदूरी है,
भाषण देते नेता हर इक का पढ़ना लिखना जरूरी है,
लेकिन ये नही देखते गरीब बच्चों की क्या मजबूरी है। रैना"
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