Saturday, September 12, 2015

खर्च कर दिये लाखों करोड़ फिर भी मकसद से दूरी है,
देश में खुलेआम धड़ल्ले से चल रही बाल मजदूरी है,
भाषण देते नेता हर इक का पढ़ना लिखना जरूरी है,
लेकिन ये नही देखते गरीब बच्चों की क्या मजबूरी है। रैना"

No comments:

Post a Comment