Saturday, September 12, 2015

लाज मेरी भी रख ले जैसे ध्यानु की राखी,
पिला दे नाम का प्याला मेरी माँ तू है साकी,
नही कोई ओर हसरत मेरी माँ यही तमन्ना,
कट जाये तेरी इबादत में मेरी जो बची बाकी। रैना"
वैसे तो होते हैं सभी माँ से प्यार के दिन,
लेकिन देती है दर्शन माँ रविवार के दिन।
जयकारा वैष्णो महारानी का ---बोलो सच्चे दरबार की जय
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ

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