Monday, September 28, 2015

वैष्णो रानी जग कल्याणी दवारे तेरे आये हम,
मन में श्रदा भव लेकर माँ तेरे गुण गाये हम,
माँ मेरी तू सुनती नाही और कहां जाये हम,
हर तरफ है घोर अँधेरा अब बहुत घबराये हम। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------- jai jai maa 

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