तेरी सूरत दिल में बसायी हुई,
जीवन की बगिया महकाई हुई।
मन से मन की मिल गई तारें, गजब की मस्ती है छायी हुई।
खुशनुमा मौसम मस्त बहारें,, हर रात चाँदनी नहायी हुई। कानों में गूँजते वस्ल तराने, यूं मधुर रागिनी सी गायी हुई। चाँद से हसीं हैं दिलबर मेरा अब घड़ी मिलन की आयी हुई। रीनू"जीवन निसार इक तुझ पे, फ़क़त नाम की लौ लगायी हुई। रीनू"
जीवन की बगिया महकाई हुई।
मन से मन की मिल गई तारें, गजब की मस्ती है छायी हुई।
खुशनुमा मौसम मस्त बहारें,, हर रात चाँदनी नहायी हुई। कानों में गूँजते वस्ल तराने, यूं मधुर रागिनी सी गायी हुई। चाँद से हसीं हैं दिलबर मेरा अब घड़ी मिलन की आयी हुई। रीनू"जीवन निसार इक तुझ पे, फ़क़त नाम की लौ लगायी हुई। रीनू"
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