दोस्तों संडे स्पेशल
क्या करे राह में गढ्ढे ही बड़े हैं,
फिर भी देख हम तेरे साथ खड़े हैं।
मन की कड़वाहट मिटाते लेकिन,
हर तरफ नीम पर करेले चढ़े हैं।
ये मत सोच नेता कुछ करते नही,
सदन में अपने वेतन के लिये अड़े है।
बेटा बीवी के साथ चला तीर्थ करने,
बूढ़े माँ बाप घर में बीमार पड़े हैं।
लूटपाट बलात्कार आम बात है,
पुलिस कहती वैसे पहरे तो कड़े हैं।
रैना"चोर उच्चकों की चांदी हो गई,
ईमानदार वफादार सिर झुकाये खड़े हैं। रैना"
क्या करे राह में गढ्ढे ही बड़े हैं,
फिर भी देख हम तेरे साथ खड़े हैं।
मन की कड़वाहट मिटाते लेकिन,
हर तरफ नीम पर करेले चढ़े हैं।
ये मत सोच नेता कुछ करते नही,
सदन में अपने वेतन के लिये अड़े है।
बेटा बीवी के साथ चला तीर्थ करने,
बूढ़े माँ बाप घर में बीमार पड़े हैं।
लूटपाट बलात्कार आम बात है,
पुलिस कहती वैसे पहरे तो कड़े हैं।
रैना"चोर उच्चकों की चांदी हो गई,
ईमानदार वफादार सिर झुकाये खड़े हैं। रैना"
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