हास्य व्यंग्य मात्र दिल बहलाने के लिए
अन्यथा न ले
ये मत कहना पुराना मकान है,
जिस्म है बूढ़ा पर दिल जवान है।
लोगों ने वैसे मेरी खिली उड़ाई है,
बत्तीसी मेरी अब दोबारा आई है।
मैं हूं सत्तर का वो चालीस साल की,
क्यों नही कहते जोड़ी कमाल की।
मीडिया के हाथ कुछ न आया है,
हम नेता तभी ऐसा कर दिखाया है।
तब हमें होता बहुत भारी गम है,
लोग कहे देश में लड़कियां कम है।
हालात तो न ऐसा कुछ बता रहे हैं,
हम बुढ़ापे में दोबारा शादी करवा रहे है।
अब मीडियावाली भी हमारे गेल है,
सच मीडिया भी हमारे सामने फेल है।रैना"
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