Saturday, September 26, 2015

दोस्तों सन्डे स्पोशल आप के लिए खास 
खैर मांगे खुशियों का कारवां दे दे,  
गम दे तो गर जमाने से जुदा दे दे।
सांस लेना दुश्वार हुआ तेरे शहर में,
मेरे हिस्से में कुछ ताजा हवा दे दे।
छोड़ दुनिया मैं चुप निकल जाऊ,
बेसहारा के मन की इक दुआ दे दे।
मौत के आसार बन जायेगे देखो,
वक़्त से मुझको डेंगू की दवा दे दे।
मुन्सिफ़ तू मैं सजायफ्ता मुज़रिम,
कर रहम मेरे हक में फैसला दे दे।
इश्क की आग लगी होता दर्द बहुत,
सुन तबीबो मुझको कोई दवा दे दे।
रात दिन भटक रहा मुसाफिर रैना"
चैन मिल जायेगा मुझको कजा दे दे। रैना"

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