क्यों खफा है बता खता क्या है,
मेरे बारे तुझे पता क्या है।
लफ्जों को ढूंढ़ कर कागज पे उतार लो,
वरना खोने के बाद मिलते नही है। रैना"
लफ्ज़ पिरोने के बाद लिखने में देर नही करता,
क्योकि मेरी मैमोरी चिप में जगह नही बची। रैना"
हिन्दी इसलिये तो पतन की और जाने लगी है,
क्योकि भारतीयों को अंग्रेजी पसंद आने लगी है,
हिन्दी पढ़ने बोलने से अब बहुत शरमाने लगे है,
बच्चों को प्रवेश अंग्रेजी स्कूल में दिलवाने लगे है।
भारत के माथे से बिंदी हटा बिंदा लगा दिया है,
तभी माँ को मम और पापा को डैड बना दिया है।
भारतीय नारी हैलो बोलती मुंह घोल करती है,
फड़ी वाले से अंग्रेजी में सब्जी का मोल करती है।
सब्जी वाला कहता ताज़ी सब्जी मोर लीजियेगा,
मैम साहिब रूपये वन ट्वेंटी बस ओर दीजियेगा।
बेचारी हिंदी का खुलता इस तरह ढोल का पोल है,
प्रधानमंत्री अकेला के करे सारी दुनिया गोल है।
हिन्दुस्तानियों हिन्दी के हाल पे तरस खाओ,
हिंदी सीखने के बाद अंग्रेजी का ध्यान लगाओ।
वरना सब किया धरा एकदम शून्य बेकार है,
अंतरात्मा से बोले हम सब को हिंदी से प्यार है। रैना"
मेरे बारे तुझे पता क्या है।
लफ्जों को ढूंढ़ कर कागज पे उतार लो,
वरना खोने के बाद मिलते नही है। रैना"
लफ्ज़ पिरोने के बाद लिखने में देर नही करता,
क्योकि मेरी मैमोरी चिप में जगह नही बची। रैना"
हिन्दी इसलिये तो पतन की और जाने लगी है,
क्योकि भारतीयों को अंग्रेजी पसंद आने लगी है,
हिन्दी पढ़ने बोलने से अब बहुत शरमाने लगे है,
बच्चों को प्रवेश अंग्रेजी स्कूल में दिलवाने लगे है।
भारत के माथे से बिंदी हटा बिंदा लगा दिया है,
तभी माँ को मम और पापा को डैड बना दिया है।
भारतीय नारी हैलो बोलती मुंह घोल करती है,
फड़ी वाले से अंग्रेजी में सब्जी का मोल करती है।
सब्जी वाला कहता ताज़ी सब्जी मोर लीजियेगा,
मैम साहिब रूपये वन ट्वेंटी बस ओर दीजियेगा।
बेचारी हिंदी का खुलता इस तरह ढोल का पोल है,
प्रधानमंत्री अकेला के करे सारी दुनिया गोल है।
हिन्दुस्तानियों हिन्दी के हाल पे तरस खाओ,
हिंदी सीखने के बाद अंग्रेजी का ध्यान लगाओ।
वरना सब किया धरा एकदम शून्य बेकार है,
अंतरात्मा से बोले हम सब को हिंदी से प्यार है। रैना"
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