बड़ा मुश्किल फर्ज रिश्तों के अदा करना,
जिग़र के टुकड़े बड़ा मुश्किल खुद से जुदा करना।
मुझे अब तो हिचकी भी नही आती,
लगता तू अब मुझे याद नही करता। रैना"
जिंदगी के सफर में तू हमसफ़र नही,
अब ये सफर हरगिज सफर नही। रैना"
उसकी मर्जी जब चाहे बुला ले,
अपना तो सामान तैयार है। रैना"
गिला तुझसे ये रहेगा जरूर,
आखिर हम में क्या कमी थी। रैना"
मरीजे दिल के लिये उपहार है फेसबुक,
जब नींद न आये बैठ जाओ खोल कर। रैना"
फेसबुक के सहारे कलम है चलाते,
कोई सुने अलबत्ता न सुने दिल की बात सुनाते तो हैं। रैना"
जिग़र के टुकड़े बड़ा मुश्किल खुद से जुदा करना।
मुझे अब तो हिचकी भी नही आती,
लगता तू अब मुझे याद नही करता। रैना"
जिंदगी के सफर में तू हमसफ़र नही,
अब ये सफर हरगिज सफर नही। रैना"
उसकी मर्जी जब चाहे बुला ले,
अपना तो सामान तैयार है। रैना"
गिला तुझसे ये रहेगा जरूर,
आखिर हम में क्या कमी थी। रैना"
मरीजे दिल के लिये उपहार है फेसबुक,
जब नींद न आये बैठ जाओ खोल कर। रैना"
फेसबुक के सहारे कलम है चलाते,
कोई सुने अलबत्ता न सुने दिल की बात सुनाते तो हैं। रैना"
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