Sunday, September 20, 2015

नैन प्यासे,तेरे दिलाशे,
आखिर ये कब तक चलते रहेंगे,
 इश्क की आग में जलते रहेंगे। 
इश्क की -----------------
तू पास एहसास,यही बात खास,
सागर किनारे बैठे बुझी न प्यास,
दूर है मंजिल लम्बा रास्ता,
गिर गिर के हम सम्भलते रहेंगे।
इश्क की ----------------
पास के हो के दूरी,तेरी क्या मजबूरी,
हमें आगे की फ़िक्र,करनी बात जरूरी,
विधि का विधान यही परवान,
चढ़ते सूरज हम ढलते रहेंगे।
इश्क की ------------------
हम राह से भटके,सूली पे है लटके,
कैसे खुद को संवारे,आईने से चटके,
आतिशे इश्क में तो जानो,
पत्थर भी तो पिघलते रहेंगे।
इश्क की ----------------------
चिलमन सरका दे,मुखड़ा दिखा दे,
हम खुद को भूले,दीवाना बना दे,
रैना"की गुजारिश कर लो कबूल,
वर्ना हम चोला बदलते रहेंगे।
इश्क की ---------------रैना"


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