अपनी नज़रों से यूं दूर न कर,
मर मर जीने को मजबूर न कर।
दिल तो शीशा तूने तोड़ दिया,
कुछ रहने दे इसको चूर न कर।
रख ले कदमों में गुमनाम हमें,
चाहे बस्ती में मशहूर न कर।
तुझसे मिलने की तब बात बने,
मेरे मन को तू बेनूर न कर।
हम तेरे खातिर बेजार रहे,
रैना"को ऐसे मगरूर न कर।
मर मर जीने को मजबूर न कर।
दिल तो शीशा तूने तोड़ दिया,
कुछ रहने दे इसको चूर न कर।
रख ले कदमों में गुमनाम हमें,
चाहे बस्ती में मशहूर न कर।
तुझसे मिलने की तब बात बने,
मेरे मन को तू बेनूर न कर।
हम तेरे खातिर बेजार रहे,
रैना"को ऐसे मगरूर न कर।
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