Saturday, September 5, 2015

जय माँ वैष्णो,
जयकारा वैष्णो महारानी का,
बोलो सच्चे दरबार की जय।
इक बार माँ के दर पे सच्चे मन से आ तो सही,
दिल का दर्द आ के माँ को प्यार से सुना तो सही,
निसंदेह चैन मिलेगा जिंदगी की सूरत बदल जाये,
प्रेम से इक बार वैष्णो का जयकारा लगा तो सही। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 

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