कहां तेरा ठिकाना हैं,
मुझे किस राह आना है।
कर्म मुझ पे करेगा तू,
किसी ने क्या बताना है।
मुझे मिलता नही रस्ता,
सुना है दूर जाना है।
भरोसा है नही मुझको,
बड़ा जालिम जमाना है।
मुझे आगे की चिन्ता है,
यहां पल बीत जाना है।
तुझे मिलने की हसरत है,
बता वो क्या बहाना है।
ढ़ले जब शाम रैना" की,
मिलन का गीत गाना है। रैना"
मुझे किस राह आना है।
कर्म मुझ पे करेगा तू,
किसी ने क्या बताना है।
मुझे मिलता नही रस्ता,
सुना है दूर जाना है।
भरोसा है नही मुझको,
बड़ा जालिम जमाना है।
मुझे आगे की चिन्ता है,
यहां पल बीत जाना है।
तुझे मिलने की हसरत है,
बता वो क्या बहाना है।
ढ़ले जब शाम रैना" की,
मिलन का गीत गाना है। रैना"
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