ढूंढा किया तुझको खुद को ही खो बैठे,
इतनी खबर तो होगी हम तेरे हो बैठे।
तुझसे रखी दूरी दिल हुआ बिस्मिल,
पास आ के तेरे दाग दिल के धो बैठे।
बेवफा हैं हम तो न वफ़ा करनी आई,
कर याद तेरी वफायें हम तो रो बैठे।
गर तुम न मिलते तो हम डूब जाते,
साहिल लगा सफीना चैन से सो बैठे।
हसरत यही तमन्ना पर्दा हटा रुख से,
रैना"को माफ़ कर भार गम का ढो बैठे। रैना"
इतनी खबर तो होगी हम तेरे हो बैठे।
तुझसे रखी दूरी दिल हुआ बिस्मिल,
पास आ के तेरे दाग दिल के धो बैठे।
बेवफा हैं हम तो न वफ़ा करनी आई,
कर याद तेरी वफायें हम तो रो बैठे।
गर तुम न मिलते तो हम डूब जाते,
साहिल लगा सफीना चैन से सो बैठे।
हसरत यही तमन्ना पर्दा हटा रुख से,
रैना"को माफ़ कर भार गम का ढो बैठे। रैना"
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