कविता तू लाजवाब न्यारी है,
तेरी हर अदा दिलकश प्यारी है।
तू इस लोक की नही रहने वाली,
खुदा ने जन्नत से परी उतारी है।
तेरे हुस्न के चर्चे हर महफ़िल में,
कामनी ने तेरी जुल्फें संवारी है।
मिश्री सी घोलती मिठ्ठी वाणी,
सच कातिल मुस्कान तुम्हारी है।
कविता जब तुम कहती कविता,
वाह वाह कहती दुनिया सारी है।
दिलजलों की नज़र से बचाने को,
हम ने कई बार तेरी नजर उतारी है।
हमको भी रख ले अपने कदमों में,
रैना"कहता बस ये अर्ज हमारी है। रैना"
तेरी हर अदा दिलकश प्यारी है।
तू इस लोक की नही रहने वाली,
खुदा ने जन्नत से परी उतारी है।
तेरे हुस्न के चर्चे हर महफ़िल में,
कामनी ने तेरी जुल्फें संवारी है।
मिश्री सी घोलती मिठ्ठी वाणी,
सच कातिल मुस्कान तुम्हारी है।
कविता जब तुम कहती कविता,
वाह वाह कहती दुनिया सारी है।
दिलजलों की नज़र से बचाने को,
हम ने कई बार तेरी नजर उतारी है।
हमको भी रख ले अपने कदमों में,
रैना"कहता बस ये अर्ज हमारी है। रैना"
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