Sunday, April 19, 2015


इलाज के लिए दवाखाना ढूंढते ढूंढते,
सकून के लिए बुतखाना ढूंढते ढूंढते,
किसी को मन का जहाँ नही मिलता,
इन्सां भटक जाता ठिकाना ढूंढ्ते ढूंढते। रैना"
 सुप्रभात जी---------------जय जय माँ

साथ मेरे ही रहता है,
सुनता कुछ न कहता है,
इतना तो है पता मुझे,
मेरा दुःख वो सहता है।
करता कोई कसूर नही,
जुदाई उसे मंजूर नही,
जो भी उसका हो जाता,
उससे जाता दूर नही।
नाम उसका हर रोज ले,
उसे अपने अंदर खोज ले,
जीवन सफल हो जाये,
रैना" ले फिर मौज ले। रैना"

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