समारोह-२६, गीत / गीतिका आयोजन - शुक्रवार और शनिवार( १० -११ अप्रैल )
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समारोह अध्यक्ष आदरणीय श्री Vijay Mishr Daanish जी के सम्मान में ,
एक गीतिका का प्रयास ...सादर |
कर्ज सिर पर निरंतर बढ़ा रहे है,
जाने कब से चक्कर लगा रहे है।
मिट्टी के घर को बचाने के लिये,
हम मिट्टी के ही घर बना रहे है।
उसकी कारागारी का जिक्र नही,
खुद को ही होशियार बता रहे है।
कुत्ते से प्यार उसे चाट भी लेते हैं,
देख गाय को डंडा मार भगा रहे हैं।
बीवी बच्चें जो मांगे ले कर देते,
माँ बाप का कर्ज न चुका रहे है।
धर्म के ठेकेदार बन गये अज्ञानी,
रैना"नफरत का पाठ पढ़ा रहे है। रैना"
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