माँ के भवन के नजारें खूब लगते प्यारे प्यारे हैं,
लाल झंडे उच्चे झूले,देखो गूंज रहे जय कारें है।
देव देवा दरबान खड़े,
ब्रह्मा शिव विष्णु भगवान खड़े,
आदिशक्ति माँ बख्शनहारी,
भिखारी रैना'से नादान खड़े।
जय जय माँ जय जय माँ
वैष्णो माँ --------रैना"
जो भी जितना बांटता है,
उसको उतना मिलता है,
हम सूफी उसके दीवाने,
कोई माने न माने,
हम उसके दीवाने। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ
दुनिया से हमने क्या लेना,
हम उसकी रजा में राजी है,
क्यों हम ऐसी चर्चा करे,
वो पुजारी ऐसा काजी है। रैना"
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