काश तुम आसां मेरा सफ़र करते,
मेरी तरफ रहमत की नज़र करते।
हम भी पलकों पे तुम्हे सजा लेते,
हर महफ़िल में तेरा जिकर करते।
मांगते दुआ लगे न तुझे गर्म हवा,
सजिदे में रहते तेरा फ़िकर करते।
इक मैं दूजा तेरी दीवानगी होती,
हम मजे में जिन्दगी बसर करते।
दीद के खातिर खुली रहती आंखें,
दीवानों की आदत रैना"सबर करते। रैना"
मेरी तरफ रहमत की नज़र करते।
हम भी पलकों पे तुम्हे सजा लेते,
हर महफ़िल में तेरा जिकर करते।
मांगते दुआ लगे न तुझे गर्म हवा,
सजिदे में रहते तेरा फ़िकर करते।
इक मैं दूजा तेरी दीवानगी होती,
हम मजे में जिन्दगी बसर करते।
दीद के खातिर खुली रहती आंखें,
दीवानों की आदत रैना"सबर करते। रैना"
No comments:
Post a Comment