Monday, April 20, 2015

इंतजार में उम्मीद के दीप जला के रखते है,
मन मन्दिर में हम तुझको बैठा के रखते है,
तुम मेरे क़रीब हो हरपल एहसास सा होता है,
खुली आँखों में तेरी तस्वीर सजा के रखते है। रैना"

जिन्दगी को नया मोड़ देना मुश्किल है,
कश्ती को भंवर में छोड़ देना मुश्किल है,
रैना"तेरे संग बांध दी है चाहत की डोरी,
उस डोरी को बीच में तोड़ देना मुश्किल है। रैना"

इश्क में कहानियां होती रहती है,
तन्हा बैठी जवानियां रोती रहती है,
बदले दौर में उल्फ़त फरेबी हो गई,
राँझें कहीं हीरे मजे में सोती रहती है। रैना"

हम ख्वाबों के महल तो सजाया नही करते,
गम देने वालो को अपना बनाया नही करते,
झूठ बोलना अपनी तौहीन समझते है हम,
अन्याय के सामने सिर झुकाया नही करते।रैना"

अपनी आँखों का रंग कभी लाल नही करते,
हो जाये गुस्ताखी तो फिर मलाल नही करते,
दूसरों का गम सहना तो अपनी पुरानी आदत,
अपनी जान का हम कभी ख्याल नही रखते। रैना"

इश्क का न कोई पूछता हाल है,
हर किसी को हुस्न का ख्याल है,
रैना"किसी से क्यों करता गिला,
जमाने की कुछ ऐसी ही चाल है। रैना"

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